जन-जन बोले, तन-मन डोले
हर दिल बोले, ज़िन्दाबाद-ज़िन्दाबाद
जन-जन बोले, तन-मन डोले
आसन डोले, ज़िन्दाबाद-ज़िन्दाबाद

सदियों से था दूर तलक जब
घनघोर अंधेरा राहों में
(घनघोर अंधेरा राहों में)
करपूरी तब भरे उजाला

हर इन खामोश निगाहों में
(हर इन खामोश निगाहों में)
नए दौर की नई मशालें
मिल के ज़िन्दाबाद करो

करपूरी को याद करो तुम
जन नायक को याद करो
करपूरी को याद करो तुम
जन नायक को याद करो

जन-जन बोले, तन-मन डोले
हर दिल बोले, ज़िन्दाबाद-ज़िन्दाबाद
जन-जन बोले, तन-मन डोले
आसन डोले, ज़िन्दाबाद-ज़िन्दाबाद

कदमों की जमीं पर हक़ तेरा
ये आसमान भी तेरा हो (ये आसमां भी तेरा हो)
घर में तू महफूज़ रहे
चौखट पे नया सवेरा हो (चौखट पे नया सवेरा हो)

जन नायक ने तेरे लिए जब
इतिहास का पन्ना मोड़ दिया (इतिहास का पन्ना मोड़ दिया)
सभी ज्ञान की धाराओं से
लाकर तुझको जोड़ दिया (लाकर तुझको जोड़ दिया)

रफ़्ता-रफ़्ता बढ़े कारवां
अब तो ना फ़रियाद करो
करपूरी को याद करो तुम

जन नायक को याद करो
करपूरी को याद करो तुम
जन नायक को याद करो

जन-जन बोले, तन-मन डोले
हर दिल बोले, ज़िन्दाबाद-ज़िन्दाबाद
जन-जन बोले, तन-मन डोले
आसन डोले, ज़िन्दाबाद-ज़िन्दाबाद

देश भक्त थे सजग पहरवा
आजादी यूँ प्यारी थी (आजादी यूँ प्यारी थी)
भारत छोड़ो आनदोलन में
तभी तो भागीदारी थी (तभी तो भागीदारी थी)

दिया हौसला महिलाओं को
सब में हिस्सेदार बना के (सब में हिस्सेदार बना के)
इस समाज का मान बढ़ाया
उनको दावेदार बना के (उनको दावेदार बना के)

माँ, बहनों सब तोड़ बेड़ियाँ
खुद को अब आजाद करो
करपूरी को याद करो तुम
जन नायक को याद करो

करपूरी को याद करो तुम
जन नायक को याद करो
जन-जन बोले, तन-मन डोले
हर दिल बोले, ज़िन्दाबाद-ज़िन्दाबाद

करपूरी को याद करो तुम
जन नायक को याद करो
ज़िन्दाबाद-ज़िन्दाबाद