धीमे-धीमे नशा चढ़ने दे रोएँ-रोएँ को नम पड़ने दे रोक मत तेरी हद बढ़ने दे मेरी ज़िद को भी सर चढ़ने दे मेरे होशों के गुम होने तक होगी मेहरबानी तेरी मेहरबानी तेरी, मेरी रूह खोने तक धीमे-धीमे नशा चढ़ने दे रोएँ-रोएँ को नम पड़ने दे रोक मत तेरी हद बढ़ने दे मेरी ज़िद को भी सर चढ़ने दे मेरे होशों के गुम होने तक होगी मेहरबानी तेरी मेहरबानी तेरी, मेरी रूह खोने तक भर के भी कर रहा यूँ का यूँ खाली क्यूँ मर के भी जी रहा मुझमें तू हू-ब-हू ये दगा भी दुआ लग रहा ऐसा क्यूँ? दरमियाँ, तेरी हाँ, तेरी ना रू-ब-रू तेरे ज़ालिम हुनर पढ़ने दे (पढ़ने दे) घोला तूने ज़हर चढ़ने दे (चढ़ने दे) मेरा अब भी जुनून बढ़ने दे (बढ़ने दे) ठहर मेरे तबाह होने तक होगी मेहरबानी तेरी मेहरबानी तेरी, मेरी रूह खोने तक तेरा भी, मेरा भी एक ही है खुदा मेरा दम (मेरा दम) तेरा ग़म (तेरा ग़म) इश्क़ है पर जुदा तू दुखा, दिल दुखा, दे ज़रा और मज़ा ना चुरा आँखें यूँ करना यूँ जाँ फ़िदा तेरे ढंग, मेरे रंग पीसने दे (पीसने दे) थोड़ी सी ये ज़मीं खिसने दे (खिसने दे) ज़रा सा आसमाँ रिसने दे (रिसने दे) थम तो मेरे फ़नाह होने तक होगी मेहरबानी तेरी मेहरबानी, मेहरबानी...