ज़रा छूके लबों को तेरे मुझसे कहीं न अब दूर जा अरे रुक जा बाहों में मेरी ऐसे जैसे के दिन ढले शाम में ज़रा छूके लबों को तेरे मुझसे कहीं न अब दूर जा अरे रुक जा बाहों में मेरी ऐसे जैसे के दिन ढले शाम में सर पे भूत चढ़ा है तेरे इश्क़ का नया रंग लगा है तेरे इश्क़ का सर पे भूत चढ़ा है तेरे इश्क़ का नया रंग लगा है तेरे इश्क़ का तेरी नज़र, नज़र का जादू मुझ पे ऐसे छाया जैसे पहली बारिश की हो बूँदें मेरी दुआ, मेरी उम्र अब तो जो भी मेरा सबकुछ तेरे नाम कर दूँ मैं सर पे भूत नया रंग लगा है सर पे भूत चढ़ा है तेरे इश्क़ का नया रंग लगा है तेरे इश्क़ का सर पे भूत चढ़ा है तेरे इश्क़ का नया रंग लगा है तेरे इश्क़ का तेरा रंग चढ़ा है, रंग चढ़ा है, रंग चढ़ा तेरा रंग चढ़ा है, रंग चढ़ा है, रंग चढ़ा है सर पे भूत चढ़ा है तेरे इश्क़ का नया रंग लगा है तेरे इश्क़ का